Blogs of Engr. Maqbool Akram

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आय विल कॉल यू मोबाइल फोन (रूपा सिंह) जैसे ही डाटा ऑन किया खट् खट् कर कई मैसेज दस्तक देते चले आये इतनी तेजी से सबकी खबरें स्क्रीन पर चमक रही थी

आय विल कॉल यू मोबाइल फोन (रूपा सिंह) जैसे ही डाटा ऑन किया खट् खट् कर कई मैसेज दस्तक देते चले आये इतनी तेजी से सबकी खबरें स्क्रीन पर चमक रही थी Read Post »

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पंच परमेश्वर: फूलो ने घूंघट नहीं खींचा मुंह उठा दिया गेहुंए रंग में दो मांसल आंखें थीं जिनमें रात का खुमार अभी बिल्कुल मिटा नहीं (रांगेय राघव की कहानी)

पंच परमेश्वर: फूलो ने घूंघट नहीं खींचा मुंह उठा दिया गेहुंए रंग में दो मांसल आंखें थीं जिनमें रात का खुमार अभी बिल्कुल मिटा नहीं (रांगेय राघव की कहानी) Read Post »

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नारी का विक्षोभ: सूरज ने जब सुना सविता कविता करती है तब दौड़ा-दौड़ा उस्ताद हाशिम के पास गया। (रांगेय राघव)

नारी का विक्षोभ: सूरज ने जब सुना सविता कविता करती है तब दौड़ा-दौड़ा उस्ताद हाशिम के पास गया। (रांगेय राघव) Read Post »

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अपरिचित (मोहन राकेश) सामने की सीट ख़ाली थी वह स्त्री किसी स्टेशन पर उतर गई थी इसी स्टेशन पर न उतरी हो यह सोचकर मैंने खिड़की का शीशा उठा दिया और बाहर देखा.

अपरिचित (मोहन राकेश) सामने की सीट ख़ाली थी वह स्त्री किसी स्टेशन पर उतर गई थी इसी स्टेशन पर न उतरी हो यह सोचकर मैंने खिड़की का शीशा उठा दिया और बाहर देखा. Read Post »

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Thakur Ka Kuan (Story Munshi Premchand) कुएँ पर स्त्रियाँ पानी भरने आयी थी इनमें बात हो रही थी खाना खाने चले और हुक्म हुआ कि ताजा पानी भर लाओ । घड़े के लिए पैसे नहीं हैं।

Thakur Ka Kuan (Story Munshi Premchand) कुएँ पर स्त्रियाँ पानी भरने आयी थी इनमें बात हो रही थी खाना खाने चले और हुक्म हुआ कि ताजा पानी भर लाओ । घड़े के लिए पैसे नहीं हैं। Read Post »

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सुखांत (आंतोन चेखव): इसमें इतना सोचने वाली कौन सी बात है? तुम एक ऐसी औरत हो जो मेरे दिल को भा सके तुम्हारे अंदर वो सारे गुण हैं जो मेरे लिए सटीक हों।

सुखांत (आंतोन चेखव): इसमें इतना सोचने वाली कौन सी बात है? तुम एक ऐसी औरत हो जो मेरे दिल को भा सके तुम्हारे अंदर वो सारे गुण हैं जो मेरे लिए सटीक हों। Read Post »

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मेरा नाम राधा है (मंटो) नीलम जिसे स्टूडियो के तमाम लोग मामूली एक्ट्रेस समझते थे, विचित्र प्रकार के गुणों की खान थी। उसमें दूसरी एक्ट्रेसों का-सा ओछापन नहीं था।मैंने जब बहुत जोर से भयानक आवाज में नीलम कहा तो वह चौंकी जाते हुए उसने केवल यह कहा, सआदत, मेरा नाम राधा है।

मेरा नाम राधा है (मंटो) नीलम जिसे स्टूडियो के तमाम लोग मामूली एक्ट्रेस समझते थे, विचित्र प्रकार के गुणों की खान थी। उसमें दूसरी एक्ट्रेसों का-सा ओछापन नहीं था।मैंने जब बहुत जोर से भयानक आवाज में नीलम कहा तो वह चौंकी जाते हुए उसने केवल यह कहा, सआदत, मेरा नाम राधा है। Read Post »

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पोस्टमास्टर (रवीन्द्रनाथ टैगोर) सवेरे से बादल खूब घिरे हुए थे पोस्टमास्टर की शिष्या बड़ी देर से दरवाजे के पास बैठी प्रतीक्षा कर रही थी लेकिन और दिनों की तरह जब यथासमय उसकी बुलाहट न हुई.

पोस्टमास्टर (रवीन्द्रनाथ टैगोर) सवेरे से बादल खूब घिरे हुए थे पोस्टमास्टर की शिष्या बड़ी देर से दरवाजे के पास बैठी प्रतीक्षा कर रही थी लेकिन और दिनों की तरह जब यथासमय उसकी बुलाहट न हुई. Read Post »

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पड़ोसिन (कहानी रवीन्द्रनाथ ठाकुर) अब छिपाना बेकार है वह तुम्हारी ही पड़ोसिन है, उन्नीस नम्बर में रहती है मैंने पूछा, सिर्फ कविताएं पढ़कर ही वह मुग्ध हो गई?’

पड़ोसिन (कहानी रवीन्द्रनाथ ठाकुर) अब छिपाना बेकार है वह तुम्हारी ही पड़ोसिन है, उन्नीस नम्बर में रहती है मैंने पूछा, सिर्फ कविताएं पढ़कर ही वह मुग्ध हो गई?’ Read Post »

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Royal Love Story of A Maharani: एक महारानी की अनोखी प्रेम कहानी महारानी रियासत के दीवान से ही प्रेम कर बैठी

Royal Love Story of A Maharani: एक महारानी की अनोखी प्रेम कहानी महारानी रियासत के दीवान से ही प्रेम कर बैठी Read Post »

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शारदा: कहानी मंटो – शारदा कुछ कहने वाली थी कि डरबे से किसी बच्चे के रोने की आवाज़ आई। लड़की उठी नज़ीर ने उसे रोका कहाँ जा रही हैं आप

शारदा: कहानी मंटो – शारदा कुछ कहने वाली थी कि डरबे से किसी बच्चे के रोने की आवाज़ आई। लड़की उठी नज़ीर ने उसे रोका कहाँ जा रही हैं आप Read Post »

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जाओ हनीफ़ जाओ (कहानी मंटो) मैं चीख़ी उधर दूसरे क्वार्टर से जीजी चीख़ी और मर गई वो समझ गई थी हाय, काश! मैं न चीख़ी होती।

जाओ हनीफ़ जाओ (कहानी मंटो) मैं चीख़ी उधर दूसरे क्वार्टर से जीजी चीख़ी और मर गई वो समझ गई थी हाय, काश! मैं न चीख़ी होती। Read Post »

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सीखचे: बेमेल विवाह का दर्द झेल रही एक पत्नी की व्यथा कथा. कमरे की दीवारें चारों ओर से सीमा को छोटा करती मानो उसकी ओर खिसकती आ रही थीं (लेखक: कमलेश्वर)

सीखचे: बेमेल विवाह का दर्द झेल रही एक पत्नी की व्यथा कथा. कमरे की दीवारें चारों ओर से सीमा को छोटा करती मानो उसकी ओर खिसकती आ रही थीं (लेखक: कमलेश्वर) Read Post »

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प्रेज़ेंट: कहानी अपनी शर्तों पर जीवन का लुत्फ़ उठा रही एक रहस्यमी बिंदास महिला की “आपका नम्बर अट्ठानवेवां होगा खिलखिलाकर हंसते हुए शशिबाला ने उत्तर दिया. (भगवतीचरण वर्मा)

प्रेज़ेंट: कहानी अपनी शर्तों पर जीवन का लुत्फ़ उठा रही एक रहस्यमी बिंदास महिला की “आपका नम्बर अट्ठानवेवां होगा खिलखिलाकर हंसते हुए शशिबाला ने उत्तर दिया. (भगवतीचरण वर्मा) Read Post »

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स्त्री सुबोधिनी (कहानी मन्नू भंडारी) अब सीधी बात सुनिए सीधी और सच्ची मेरा अपने बॉस से प्रेम हो गया। प्रेम कम्बख्त है ही ऐसी चीज एक बार तो दिल फड़क ही उठता है

स्त्री सुबोधिनी (कहानी मन्नू भंडारी) अब सीधी बात सुनिए सीधी और सच्ची मेरा अपने बॉस से प्रेम हो गया। प्रेम कम्बख्त है ही ऐसी चीज एक बार तो दिल फड़क ही उठता है Read Post »

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वह लड़की: (लेखक: मंटो) कहानी इंतकाम की लड़की के गहरे सांवले होंठों पर फिर वही अजीब-ओ-ग़रीब मुस्कुराहट नुमूदार हुई

वह लड़की: (लेखक: मंटो) कहानी इंतकाम की लड़की के गहरे सांवले होंठों पर फिर वही अजीब-ओ-ग़रीब मुस्कुराहट नुमूदार हुई Read Post »

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जानकी (सआदत हसन मंटो कहानी) ख़ुदा की क़सम उस ने हीरोइन का हाथ कुछ इस तरह अपने हाथ में लिया जैसे कुत्ते का पंजा पकड़ा जाता है

जानकी (सआदत हसन मंटो कहानी) ख़ुदा की क़सम उस ने हीरोइन का हाथ कुछ इस तरह अपने हाथ में लिया जैसे कुत्ते का पंजा पकड़ा जाता है Read Post »

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सोने की कंठी: पोस्टमैन की रूपवती बेटी की अधूरी इच्छाओं की मार्मिक कहानी रायसाहब ने एक कंठी बिंदो के गले में पहना दी (सुभद्रा कुमारी चौहान)

सोने की कंठी: पोस्टमैन की रूपवती बेटी की अधूरी इच्छाओं की मार्मिक कहानी रायसाहब ने एक कंठी बिंदो के गले में पहना दी (सुभद्रा कुमारी चौहान) Read Post »

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तन्हा-तन्हा (कहानी) इस्मत चुग़ताई: और दिलशाद मिर्जा! उन्होंने उसे अलीगढ़ भेज दिया, वज़ीफ़े के सहारे उसने फ़स्ट डिवीज़न का रिकॉर्ड कायम कर लिया.

तन्हा-तन्हा (कहानी) इस्मत चुग़ताई: और दिलशाद मिर्जा! उन्होंने उसे अलीगढ़ भेज दिया, वज़ीफ़े के सहारे उसने फ़स्ट डिवीज़न का रिकॉर्ड कायम कर लिया. Read Post »

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“अबाबील” कहानी: ख्वाजा अहमद अब्बास- दरवाजा खोला तो वह मर चुका था. उसकी पायंती चार अबाबीलें सर झुकाए खामोश बैठी थीं.

“अबाबील” कहानी: ख्वाजा अहमद अब्बास- दरवाजा खोला तो वह मर चुका था. उसकी पायंती चार अबाबीलें सर झुकाए खामोश बैठी थीं. Read Post »

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टूटे हुए तारे (कहानी)कृष्ण चन्दर: उसके बाल स्याह घने, मुलाइम,रात की भीगी ख़ामोशी, फिर उन बालों में सेब के चंद चटकते हुए ग़ुंचे

टूटे हुए तारे (कहानी)कृष्ण चन्दर: उसके बाल स्याह घने, मुलाइम,रात की भीगी ख़ामोशी, फिर उन बालों में सेब के चंद चटकते हुए ग़ुंचे Read Post »

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खुशवंत सिंह की एक कहानी: ‘काली चमेली’ मैं मार्था बोल रही हूँ-मार्था स्टैक तीस साल पहले हम पेरिस में एक साथ थे आवाज़ मक्खनी सी थी-बेशक किसी अमेरिकी नीगरो की।

खुशवंत सिंह की एक कहानी: ‘काली चमेली’ मैं मार्था बोल रही हूँ-मार्था स्टैक तीस साल पहले हम पेरिस में एक साथ थे आवाज़ मक्खनी सी थी-बेशक किसी अमेरिकी नीगरो की। Read Post »

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आवारागर्द: आवारागर्द इंसान की प्रेम कहानी. मैं महज़ आवारागर्द हूँ जिधर मुँह उठा, चल दिया, जहाँ भूख लगी, खा लिया, जहाँ थक गया, सो गया (आचार्य चतुरसेन की कहानी)

आवारागर्द: आवारागर्द इंसान की प्रेम कहानी. मैं महज़ आवारागर्द हूँ जिधर मुँह उठा, चल दिया, जहाँ भूख लगी, खा लिया, जहाँ थक गया, सो गया (आचार्य चतुरसेन की कहानी) Read Post »

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“ट्रेन टू पाकिस्तान” (खुशवंत सिंह) भारत-पाक बंटवारे के दौरान एक्शन, सस्पेंस और दर्द की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी

“ट्रेन टू पाकिस्तान” (खुशवंत सिंह) भारत-पाक बंटवारे के दौरान एक्शन, सस्पेंस और दर्द की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी Read Post »

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हरनाम कौर-(मंटो )एक चीख़ निहाल सिंह के हलक़ से निकली और दो क़दम पीछे हट गया। हरनाम कौर! ज़नाना लिबास, सीधी मांग, काली चुटिया..और बहादुर होंट भी चूस रहा था।

हरनाम कौर-(मंटो )एक चीख़ निहाल सिंह के हलक़ से निकली और दो क़दम पीछे हट गया। हरनाम कौर! ज़नाना लिबास, सीधी मांग, काली चुटिया..और बहादुर होंट भी चूस रहा था। Read Post »

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बड़े भाई साहब (मुंशी प्रेमचंद): बड़े भाई साहब लम्बाई का फायदा उठा कर पतंग की डोर ले कर होस्टल की ओर भागे। पीछे पीछे उनका छोटा भाई दौड़ रहा था।

बड़े भाई साहब (मुंशी प्रेमचंद): बड़े भाई साहब लम्बाई का फायदा उठा कर पतंग की डोर ले कर होस्टल की ओर भागे। पीछे पीछे उनका छोटा भाई दौड़ रहा था। Read Post »

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चाँदी का कमर बंद (कृष्ण चन्दर): अभी जाल बिछा या ही था कि पंछी उड़ गया, चांदी का कमरबंद अभी तक उस की कमर से झूल रहा था।

चाँदी का कमर बंद (कृष्ण चन्दर): अभी जाल बिछा या ही था कि पंछी उड़ गया, चांदी का कमरबंद अभी तक उस की कमर से झूल रहा था। Read Post »

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ख़ुशवंत सिंह की एक कहानी-यह बिन्दो थी। जल्दी जवाब दो, तुम भी चाहती थीं या नहीं। अपना शॉल मुँह पर चारों तरफ़ से लपेट कर बिन्दों ने जवाब दिया, “हाँ”

ख़ुशवंत सिंह की एक कहानी-यह बिन्दो थी। जल्दी जवाब दो, तुम भी चाहती थीं या नहीं। अपना शॉल मुँह पर चारों तरफ़ से लपेट कर बिन्दों ने जवाब दिया, “हाँ” Read Post »

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Bali Aur Shambhu: A drama by Manav Kaul- वृद्ध आश्रम के दो वरिष्ठ कैदी. शंभू क्रोधी, चिड़चिड़ा है.बाली को वृद्धाश्रम में शरण लेने के लिए मजबूर किया जाता है

Bali Aur Shambhu: A drama by Manav Kaul- वृद्ध आश्रम के दो वरिष्ठ कैदी. शंभू क्रोधी, चिड़चिड़ा है.बाली को वृद्धाश्रम में शरण लेने के लिए मजबूर किया जाता है Read Post »

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Story- The Diamond Necklace: वह खुशी के नशे में चूर पूरे उत्साह और जुनून के साथ नाची, सब कुछ भूलते हुए, अपनी खूबसूरती के विजयोल्लास में

Story- The Diamond Necklace: वह खुशी के नशे में चूर पूरे उत्साह और जुनून के साथ नाची, सब कुछ भूलते हुए, अपनी खूबसूरती के विजयोल्लास में Read Post »

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पिटी हुई गोट: क्या होता है जब बूढ़ा गुरुदास अपनी भोलीभाली युवा पत्नी को जुए में हार जाता है? (शिवानी की कहानी)

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पहला दिन (हिंदी कहानी): नई हीरोइन की शूटिंग का पहला दिन था । मेक-अप रुम में नई हीरोइन सुर्ख़ मख़मल के गद्दे वाले ख़ूबसूरत स्टूल पर बैठी थी और हेड मेक-अप मैन उसके चेहरे का मेक-अप कर रहा था। (कृष्ण चन्दर)

पहला दिन (हिंदी कहानी): नई हीरोइन की शूटिंग का पहला दिन था । मेक-अप रुम में नई हीरोइन सुर्ख़ मख़मल के गद्दे वाले ख़ूबसूरत स्टूल पर बैठी थी और हेड मेक-अप मैन उसके चेहरे का मेक-अप कर रहा था। (कृष्ण चन्दर) Read Post »

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नज़ारा दर्मियाँ है :— एक उर्दू कहानी (कुर्रतुलऐन हैदर ) कागा सब तन खाइयो चुन-चुन खाइयो मास, दुई नैनां मत खाइयो पिया मिलन की आस

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लाटी- शिवानी की एक कालजयी कहानी अपनों के क्रूर व्यवहार से दुनिया के लिए खिलवाड़ बनी बानो की मार्मिक कहानी

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कुँवारी (कृष्ण चन्दर): ज़िंदगी की सारी ताश समेट कर अलग रख दी जाएगी, तुम्हारी क़िस्मत का बादशाह और इक्का, बेगम और ग़ुलाम सब धरे रह जाएँगे।

कुँवारी (कृष्ण चन्दर): ज़िंदगी की सारी ताश समेट कर अलग रख दी जाएगी, तुम्हारी क़िस्मत का बादशाह और इक्का, बेगम और ग़ुलाम सब धरे रह जाएँगे। Read Post »

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एक रात:(रबीन्द्रनाथ टैगोर): आज संसार छोड़कर सुरबाला मेरे पास आकर खड़ी थी। केवल एक और लहर की ज़रूरत थी जो सदैव के लिए हमें एक कर देती।

एक रात:(रबीन्द्रनाथ टैगोर): आज संसार छोड़कर सुरबाला मेरे पास आकर खड़ी थी। केवल एक और लहर की ज़रूरत थी जो सदैव के लिए हमें एक कर देती। Read Post »

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कलकत्ते में एक रात:- चादर मैली ज़रूर थी, परन्तु भिखारियों जैसी नहीं. उसने अपना मुख भी चादर में छिपा रखा था. सिर्फ दो बड़ी-बड़ी आंखें चमक रही थीं(आचार्य चतुरसेन शास्त्री की कहानी)

कलकत्ते में एक रात:- चादर मैली ज़रूर थी, परन्तु भिखारियों जैसी नहीं. उसने अपना मुख भी चादर में छिपा रखा था. सिर्फ दो बड़ी-बड़ी आंखें चमक रही थीं(आचार्य चतुरसेन शास्त्री की कहानी) Read Post »

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दो हाथ: ये हाथ हरामी हैं न हलाली, इन हाथों ने बड़े-बड़े लोगों के गुनाह दफ़न किए हैं. ये दो हाथ चाहें तो रानियों के तख़्त उलट दें (इस्मत चुग़ताई की एक कहानी)

दो हाथ: ये हाथ हरामी हैं न हलाली, इन हाथों ने बड़े-बड़े लोगों के गुनाह दफ़न किए हैं. ये दो हाथ चाहें तो रानियों के तख़्त उलट दें (इस्मत चुग़ताई की एक कहानी) Read Post »

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उतरन: चमकी ने मुस्कुरा कर कहा, “पाशा, मैं जिंदगी भर आपकी उतरन इस्तेमाल करती आई, मगर अब आप भी….!” (वाजिदा तबस्सुम की उर्दू कहानी)

उतरन: चमकी ने मुस्कुरा कर कहा, “पाशा, मैं जिंदगी भर आपकी उतरन इस्तेमाल करती आई, मगर अब आप भी….!” (वाजिदा तबस्सुम की उर्दू कहानी) Read Post »

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एक थी विमला (कमलेश्वर):– विमला, कुन्ती, लज्जा, सुनीता शायद लाखों लड़कियाँ जो किसी बहुत खूबसूरत दिन के लिए अपनी सब मुसकराहटें सँजोकर रखना चाहती है

एक थी विमला (कमलेश्वर):– विमला, कुन्ती, लज्जा, सुनीता शायद लाखों लड़कियाँ जो किसी बहुत खूबसूरत दिन के लिए अपनी सब मुसकराहटें सँजोकर रखना चाहती है Read Post »

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अपना ख़ून: Ismat Chughtai – मोहरियों ने पर्दे उठाए, ना बिजली तड़पी, ना शोला लपका।ढीली अँगूठीयों को उतरने से रोकने के लिए उसने कस के मुट्ठीयाँ भींच ली थीं

अपना ख़ून: Ismat Chughtai – मोहरियों ने पर्दे उठाए, ना बिजली तड़पी, ना शोला लपका।ढीली अँगूठीयों को उतरने से रोकने के लिए उसने कस के मुट्ठीयाँ भींच ली थीं Read Post »

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ठंडा गोश्त–भारत विभाजन की विभीषिका. मानवता को शर्मसार करने वाले यथार्थ का चित्रण करती एक कहानी (सआदत हसन मंटो)

ठंडा गोश्त–भारत विभाजन की विभीषिका. मानवता को शर्मसार करने वाले यथार्थ का चित्रण करती एक कहानी (सआदत हसन मंटो) Read Post »

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