Blogs of Engr. Maqbool Akram

Poems & Poets

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दाग देहलवी. देहली का आखिरी शायर- दिल में ‘दाग़’ न होते तो दाग़ देहलवी की शायरी इतनी रौशन न होती

दाग देहलवी. देहली का आखिरी शायर- दिल में ‘दाग़’ न होते तो दाग़ देहलवी की शायरी इतनी रौशन न होती Read Post »

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“मरने की दुआएँ क्यूँ माँगूँ जीने की तमन्ना कौन करे” अलीगढ के मोइन अहसन जज्बी जिनकी कविताएँ निस्संदेहअत्यधिक उदास हैं

“मरने की दुआएँ क्यूँ माँगूँ जीने की तमन्ना कौन करे” अलीगढ के मोइन अहसन जज्बी जिनकी कविताएँ निस्संदेहअत्यधिक उदास हैं Read Post »

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परवीन शाकिर छोटी उम्र बड़ी जिंदगी वो शायरा जिनके शेरों में धड़कता है आधुनिक नारी का दिल- दिल को उस राह पे चलना ही नहीं, जो मुझे तुझ से जुदा करती है

परवीन शाकिर छोटी उम्र बड़ी जिंदगी वो शायरा जिनके शेरों में धड़कता है आधुनिक नारी का दिल- दिल को उस राह पे चलना ही नहीं, जो मुझे तुझ से जुदा करती है Read Post »

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चार्ल्स डिकेंस: के प्रेम प्रसंग विक्टोरियन इंग्लैंड के महान उपन्यासकार अपने युग के रॉक स्टार गलत जगहों पर प्यार की तलाश

चार्ल्स डिकेंस: के प्रेम प्रसंग विक्टोरियन इंग्लैंड के महान उपन्यासकार अपने युग के रॉक स्टार गलत जगहों पर प्यार की तलाश Read Post »

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इब्ने इंशा एक शायर एक जोगी: इस बस्ती के इक कूचे में, इंशा नाम का दीवाना इक नार पे जान को हार गया मशहूर है उस का अफसाना

इब्ने इंशा एक शायर एक जोगी: इस बस्ती के इक कूचे में, इंशा नाम का दीवाना इक नार पे जान को हार गया मशहूर है उस का अफसाना Read Post »

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मीराजी : खुद को तबाह कर देने पर आमादा एक जीनियस शायर.उन्हें मीरा सेन के लंबे बाल बेहद पसंद थे. सो अपने बाल भी बढ़ा लिए. जब महबूब को हासिल होने की आस न रही उसी के नाम पर अपना नाम रख लिया मीराजी.

मीराजी : खुद को तबाह कर देने पर आमादा एक जीनियस शायर.उन्हें मीरा सेन के लंबे बाल बेहद पसंद थे. सो अपने बाल भी बढ़ा लिए. जब महबूब को हासिल होने की आस न रही उसी के नाम पर अपना नाम रख लिया मीराजी. Read Post »

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हसरत मोहानी: बेड़ियों में कैद मोहानी ने अलीगढ़ से नैनी जेल जाने के दौरान ट्रेन में ही ‘चुपके-चुपके रात-दिन आंसू बहाना याद है’ग़ज़ल लिखी. जिसने दिया ‘इंकलाब जिंदाबाद का नारा और मांगी मुकम्मल आजादी.

हसरत मोहानी: बेड़ियों में कैद मोहानी ने अलीगढ़ से नैनी जेल जाने के दौरान ट्रेन में ही ‘चुपके-चुपके रात-दिन आंसू बहाना याद है’ग़ज़ल लिखी. जिसने दिया ‘इंकलाब जिंदाबाद का नारा और मांगी मुकम्मल आजादी. Read Post »

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