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ओपी नैयर की कैडलक में घूमने वाली आशा भोंसले और ओ पी नैयर की अधूरी प्रेम कहानी- ओ पी नय्यार व आशा भोसले के 10 सदाबहार गीत

दुनिया में तमाम ऐसे फनकार हुए, जो अपने काम से अमर हो गए। इन फनकारों ने अपने काम से वह मुकाम हासिल किया है, जिसको बरसों बाद भी भुला पाना मुश्किल है। ऐसे ही रिदम किंग और ताल के बादशाह ओपी नैय्यर थे।

“आशा इज़ आउट ऑफ़ माई लाइफ़… फ़ॉर एवर…”

आशा भोसले को आशा भोसले बनाने का श्रेय अगर किसी को दिया जा सकता है तो वो थे ओ पी नैयर। उन्होंने आशा की आवाज की रेंज का पूरा फायदा उठाया। कई फिल्मों में एक साथ काम करने के दौरान नैयर साहब और आशा भोंसले काफी करीब आ गए लेकिन यही प्रेम संबंध नैयर साहब की बर्बादी का कारण भी बन गया।

एक ज़माने में ओ पी नैयर की कैडलक कार में घूमने वाली आशा भोंसले ने 1972 में अपने जीवन के इस संगीतमय अध्याय को ख़त्म करने का फ़ैसला किया।”

इसके बाद आशा भोंसले और ओपी नैयर ने एक छत के नीचे कभी क़दम नहीं रखा।लेकिन इससे पहले उन्होंने ‘प्राण जाए पर वचन न जाए’ फ़िल्म के लिए एक गाना रिकॉर्ड किया, जिसे 1973 का फ़िल्म पुरस्कार मिला।

आशा उस समारोह में नहीं गईं. ओपी नैयर ने उनकी तरफ़ से ट्रॉफ़ी ली. घर वापस लौटते समय उन्होंने वो ट्रॉफ़ी चलती कार से सड़क पर फेंक दी।

“नैयर साहब अपनी कार से वापस लौट रहे थे. उनकी कार में गीतकार एसएच बिहारी बैठे हुए थे। सड़क पर उस समय सन्नाटा था।अचानक नैयर साहब ने कार का शीशा नीचा किया और वो ट्राफ़ी फेंक दी जो एक खंबे से टकराई।
आखिरी आवाज़ जो उन्होंने सुनी, जैसे कोई चीज़ चूरचूर हो जाती ।हैउन्होंने बगल में बैठे हुए बिहारी साहब से कहा कि ये जो आपने ट्रॉफ़ी टूटने की आवाज़ सुनी, इसके साथ ही आशा इज़ आउट ऑफ़ माई लाइफ़… फ़ॉर एवर…”

आशा भोसले ने महज 16 साल की उम्र में अपने परिवार वालों के विरोध के बावजूद लता मंगेशकर के सचिव गणपत राव भोसले से शादी करने के लिए घर छोड़ दिया लेकिन गणपत राव भोसले के साथ उनकी शादी कामयाब नहीं हुई। दोनों एक दूसरे से 1960 के आस-पास अलग हो गए।

Asha Bhosle

आशा जी फिर से अपने परिवार में लौटीं और संगीत की दुनिया में जगह बनाने के लिए कोशिशों में जुट गईं। तब तक आशा भोसले तीन बच्चों की मां बन चुकी थी। इसके बाद आशा ताई की जिंदगी में आए ओ पी नैयर।

1958 से लेकर 1972 तक नैयर और आशा भोसले का प्रेम संबंध आगे बढ़ता रहा। एक शादीशुदा शख्स, जिसके चार बच्चे हैं और एक तलाकशुदा महिला यानी आशा भोसले खुलेआम बंबई में घूमा करते थे।

जाहिर है उस जमाने में हिंदी सिनेमा के लिए ये काफी सनसनीखेज बातें थीं। ओ पी नैयर का आशा भोसले के साथ प्रेम संबंध 14 सालों तक चला।

नैयर साहब को सिने संगीत के क्षेत्र में लाने का श्रेय गुरुदत्त की पत्नी गीता दत्त को जाता है। उनकी ही सिफारिश पर गुरुदत्त ने उन्हें आरपार, मिस्टर एंड मिसेज 55, सीआई डी और तुम सा नहीं देखा में मौका दिया और इन फिल्मों में नैयर साहब ने एक के बाद एक हिट संगीत रच कर अपनी उपयोगिता साबित कर दी।

लेकिन किसी बात पर नैयर और गीता दत्त में अनबन हो गयी और उन्होंने गीता दत्त को छोड़ आशा भोंसले को आगे बढ़ाने का फैसला किया।

O.P.Nayyar

इस तरह का रिश्ता बॉलीवुड क्या हॉलीवुड में भी नहीं हुआ है. उनकी प्रोफ़ेशनल रिलेशनशिप रोमांस में बदल गई और 1958 से लेकर 1972 तक यानी 14 सालों तक उनका साथ रहा. ये बहुत गहन साथ था.

आप सोचिये एक शादीशुदा शख्स जिसके चार बच्चे हैं और एक तलाकशुदा महिला खुलेआम बंबई में घूमा करते थे.”

”नैयर साहब ने एक पत्रकार से कहा था, ‘ये तो सुना था कि लंव इज़ ब्लाइंड, लेकिन मेरे मामले में लव ब्लाइंड के अलावा डेफ़ यानी बहरा भी था क्योंकि आशा की आवाज़ के अलावा मैं और कोई आवाज़ सुन नहीं पाता था. इसी वजह से उन्होंने शमशाद बेगम और गीता दत्त से किनाराकशी अख़ित्यार कर ली.”

आशा भोसले के साथ संबंधों के कारण नैयर साहब के परिवार वालों ने उनसे किनारा कर लिया और एक दिन आशा भोसले भी उनकी जिंदगी से बाहर हो गईं।

जब तक नैयर साहब को अपनी गलती का अहसास होता तब तक नुकसान हो चुका था।

उन्होंने 94 में अपना घर, बैंक अकाउंट, कार सब कुछ छोड़ दिया और एक अनजाने परिवार में पेइंग गेस्ट की तरह रहने लगे। इसके बाद आशा भोसले ने 1980 में संगीतकार आरडी बर्मन शादी कर ली।

उन पर एक विद्रोही और अपरंपरागत संगीतकार होने का तमग़ा भी लगा. 28 जनवरी, 2007 को 81 वर्ष की आयु में ओ पी नैयर ने अंतिम सांस ली. लेकिन उनका संगीत कभी मर नहीं सकता.

O.P.Nayyar-Asha Bhosle

भारतीय सिनेमा में ढेरों गायक हैं और सबसे ऊंचा स्थान लता मंगेशकर का रहा. लेकिन सबसे ज्यादा गाने रिकॉर्ड करने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड आशा भोसले के नाम रहा , हैं जिन्होंने 12,000 से अधिक गीत गाए । इन 12,000 सदाबहार गानों में से सिर्फ 10 गाने सेलेक्ट करना बहुत कठिन है।

अब इस ब्लॉग में आपके सामने ओ.पी. नैयर-आशा भोसले के अपनी पसंद के 10 सदाबहार सर्वश्रेष्ठ गीत प्रस्तुत कर रहा हूं, जो ओ पी नैयर के म्यूजिक डायरेक्शन में आशा भोसले के सदाबहार गीत है।

1-Maang Ke Saath Tumhara – Naya Daur (1957)

2. Aye Mehrban—– Howrah Bridge (1958)

3. ye keya kar dala tune— Howrah Bridge (1958)

4. Aankhon Se Jo Utari Hai – Phir Wohi Dil Laaya Hoon (1963)

5. Deewana Hua Baadal – Kashmir Ki Kali (1964)

6. Yeh Hai Reshmi Zulfon Ka Andhera – Mere Sanam (1965)

7. Zara Haule Haule Chalo – Sawan Ki Ghata (1966)

8. Aao Huzoor Tumko – Kismat (1968)

आशा जी फिर से अपने परिवार में लौटीं और संगीत की दुनिया में जगह बनाने के लिए कोशिशों में जुट गईं। तब तक आशा भोसले तीन बच्चों की मां बन चुकी थी। इसके बाद आशा ताई की जिंदगी में आए ओ पी नैयर।

1958 से लेकर 1972 तक नैयर और आशा भोसले का प्रेम संबंध आगे बढ़ता रहा। एक शादीशुदा शख्स, जिसके चार बच्चे हैं और एक तलाकशुदा महिला यानी आशा भोसले खुलेआम बंबई में घूमा करते थे।

जाहिर है उस जमाने में हिंदी सिनेमा के लिए ये काफी सनसनीखेज बातें थीं। ओ पी नैयर का आशा भोसले के साथ प्रेम संबंध 14 सालों तक चला।

नैयर साहब को सिने संगीत के क्षेत्र में लाने का श्रेय गुरुदत्त की पत्नी गीता दत्त को जाता है। उनकी ही सिफारिश पर गुरुदत्त ने उन्हें आरपार, मिस्टर एंड मिसेज 55, सीआई डी और तुम सा नहीं देखा में मौका दिया और इन फिल्मों में नैयर साहब ने एक के बाद एक हिट संगीत रच कर अपनी उपयोगिता साबित कर दी।

लेकिन किसी बात पर नैयर और गीता दत्त में अनबन हो गयी और उन्होंने गीता दत्त को छोड़ आशा भोंसले को आगे बढ़ाने का फैसला किया।

9. Tum jo huwe mere ham -12 o’ clock (1958)

10- jaiye aap kahan jayenge- Mere Sanam (1965)

The End

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