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Julie Matuknath Luv Story : जुली ने मटुकनाथ को छोड़ दिया फिर धड़का लव गुरु का दिल! तुम प्यास जगा सकते हो, बुझा नहीं सकते बोली ‘जानू’

यह कहानी साल 2004 से शुरू होती है. पटना यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मटुकनाथ ने एक कैंप लगाया था जिसमें पटना यूनिवर्सिटी की ही स्टूडेंट जूली भी पहुंची थी.

इसी दौरान दोनों की बातचीत शुरू हुई. दोनों ने एक दूसरे का नंबर शेयर किया. फिर क्या जो हर कपल के बीच नंबर शेयर करने के बाद हेता है, दोनों घंटों तक फोन पर बातें करते थे. बातचीत का सिलसिल प्यार में बदला और फिर दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगे. बाद में दोनों की शादी हो गई. खास बात ये कि टीचर और गुरु के बीच 30 साल की उम्र का अंतर था.

मटुकनाथ ने एक बार एक इंटरव्यू में कहा था कि एक दिन जूली का फोन आया और उसने कहा कि वो मुझे पसंद करती हैं और मुझसे शादी करना चाहती है. हालांकि, इसके बाद मटुकनाथ ने जूली को समझाया कि यह संभव नहीं है. मटुकनाथ ने जूली को बताया था कि वह शादीशुदा हैं.

लेकिन धीरे-धीरे मटुकनाथ को भी जूली से प्यार हो गया. साल 2004 में शुरू हुई ये प्रेम कहानी दो साल तक ठीक चली. इसके बाद 15 जुलाई, 2006 को स्टूडेंट से अफेयर के बाद मटुकनाथ को हिंदी डिपार्टमेंट के रीडर पद से सस्पेंड कर दिया था.

साल बीतते गए. उनके मोहब्बत के किस्से उस दौर की हर मैगजीन और पेपर में छपे. टीवी पर भी उनकी खूब चर्चा हुई. मटुकनाथ और जूली लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगे थे. प्रोफेसर की पत्नी ने उनपर गंभीर आरोप लगाए.


फिर दोनों का तलाक हो गया. आगे मटुकनाथ की परेशानियां बढ़ती गईं तो उन्हें कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी. नौकरी चली गई यानी पद से भी बर्खास्त कर दिया गया. कुछ साल बाद 2014 में जुली ने भी मटुकनाथ का साथ छोड़ दिया.

कभी अपनी प्रेमिका के लिए अपने परिवार को छोड़ने वाले मटुकनाथ को अब उनकी प्रेमिका जूली ने भी छोड़ दिया है. कुछ समय बाद जूली का रूझान आध्यात्म की ओर हो गया. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जूली इन दिनों मटुकनाथ को छोड़कर वेस्ट इंडीज में रह रही है.

जूली फिर खबरों में हैं. उनकी सहेली हैं भोजपुरी गायिका देवी. उनका दावा है कि जूली बीमार हैं. कैरिबियाई देश त्रिनिदाद में हैं. जिंदगी और मौत के बीच झूल रही हैं. लेकिन मटुकनाथ उनकी मदद नहीं कर रहे हैं.

जूली कभी ‘जान’ थी मटुकनाथ की

लगभग 6-7 महीने पहले एक डॉक्टर ने मुझे मैसेज किया. इसमें लिखा था कि जूली बीमार हैं. सुसाइड करना चाहती हैं. ये पता चलने के बाद मैंने जूली से कॉन्टैक्ट किया. पता चला कि बेड से उठ नहीं पा रही हैं. मेंटली बीमार हैं. उन्हें मनोचिकित्सक की जरूरत है.

मैंने जूली के भाई से बात की. वह यूरोप में रहते हैं. मैंने उनसे कहा कि उनका इलाज कराइए. भाई ने कहा कि उसका हम लोगों से कोई रिश्ता नहीं रहा. हम क्यों जाएं.

देवी ने आगे बताया कि मैंने इसके बाद मटुकनाथ से बात की. कहा कि आपने जूली को पत्नी की तरह रखा. आज जब वो बेड से उठ नहीं पा रही हैं तो आपको उनकी मदद करनी चाहिए. लेकिन उन्होंने कहा कि मेरे पास पैसे नहीं हैं.

हालांकि देवी को नहीं पता कि जूली कैसे वेस्टइंडीज पहुंच गई. उनका कहना है कि इस बारे में उन्होंने मटुकनाथ से भी पूछा था, लेकिन कुछ पता नहीं चला. जूली भी इस हालात में नहीं है कि इस बारे में उनसे कुछ पूछा जाए.

मटुकनाथ ने फेसबुक पर पोस्ट लिखा है.

मटुकनाथ ने कहा कि जूली की तबीयत खराब थी. लेकिन अब वो ठीक हैं. मेरी उनसे बात हुई है. और वो भारत आना चाह रही हैं.

जल्द आएंगी. मटुकनाथ ने देवी पर आरोप लगाया कि जूली की तस्वीरें और सीएम को पत्र लिखकर वो बस मीडिया में फोकस पाना चाह रही हैं. देवी सक्षम हैं. चाहें तो जूली को भारत लाकर उनका इलाज करवा सकती हैं. ऐसे पत्र लिखने की क्या जरूरत है.

वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जूली के भाई ने बताया, “वो ठीक हैं. अच्छे डॉक्टर की देखरेख में इलाज करवा रही है.

उन्हें भारत लाने का ख्याल ठीक नहीं होगा. हमने कोशिश की, लेकिन भारत के लोगों को फेस करने के लिए वो खुद को तैयार नहीं कर सकीं.”

इस तरह उनकी प्रेम कथा भी अधूरी रह गई.

दरअसल जूली फिर पोर्ट ऑफ स्पेन में रहने लगी जिसके बाद मटुकनाथ अकेले हो गए. इसके बाद 2020 में वो जुली को लाने सात समंदर पार भी गए लेकिन जुली उनके साथ नहीं लौटी. उन्होंने चिठ्ठी पत्री,

ईमेल, व्हाट्सएप समेत कई जतन किए लेकिन जूली नहीं मानी और वो अकेले रह गए. इस तरह उनकी प्रेम कथा भी अधूरी रह गई. मटुकनाथ को आज भी जूली का इंतज़ार है लेकिन वो जानते है कि जूली अब उनके पास नहीं आने वाली है.

लिहाजा मटुकनाथ ने अपनी जिंदगी को अकेले बिताने का फैसला किया. उन्होंने कहा, ‘प्रेम से वो दूर नहीं हैं. लोगों को प्रेम करना चाहिए. शादी हो न हो प्रेम होना चाहिए.
लव गुरु मटुकनाथ के नजर में शादी बंधन और प्रेम स्वतंत्रता है.

उन्होंने कहा कि शादी होना मतलब बंधन में बंधना है. पति पत्नी के रिश्ते को लेकर चुटकुले बने हैं. प्रेम स्वतंत्रता में पलता है. प्रेम के लिए खुला आकाश चाहिए लेकिन शादी खुला आकाश नहीं देती है. शादी मतलब प्रेम की मृत्यु है.’

मटुकनाथ ने कहा, ‘एक वक्त था जब हम और जूली दो जिस्म एक जान थे. हम साथ-साथ घूमते फिरते थे. शिलांग जूली को बहुत पसंद आया. उसने कहा कि हम अपनी पूरी जिंदगी एक साथ यहीं बिताएंगे लेकिन अब जब उनके एहसास बदल गए इसलिए वो मेरे साथ रहने की बजाय अकेले विदेश में रह रही हैं.

अब 72 साल की उम्र में बिहार के वही ‘लव गुरु’ यानी मटुकनाथ चौधरी एक बार फिर से चर्चा के केंद्र में हैं। इस बार उनकी जिंदगी में जूली नहीं, बल्कि एक रहस्यमयी ‘जानू’ की एंट्री हुई है।

मटुकनाथ चौधरी ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट की है।

इस पोस्ट में ‘लव गुरु’ ने रहस्यमयी महिला के साथ हुए संवाद का जिक्र किया है, जो किसी फिल्मी ड्रामे से कम नहीं है।

उन्होंने लिखा कि वह महिला उनसे प्यार करती है, लेकिन उसके प्यार की शर्त बड़ी अनोखी है। वह चाहती है कि मटुकनाथ उसकी रचनाओं को पढ़ें और उन पर विस्तृत टिप्पणियां करें।

लव गुरु ने इस पर सवाल उठाया कि क्या यह प्रेम है या कोई ड्यूटी? उन्होंने लिखा, ‘मैं सोचने लगा हूं कि यह प्रेम है या ड्यूटी? मैं तो समझता हूं कि प्रेम के बदले प्रेम होना चाहिए। मैंने एक दिन उनसे कह दिया कि मुझसे यह सब नहीं होगा। प्यार में कोई सौदा नहीं होता।’

‘तुम प्यास जगा सकते हो, बुझा नहीं सकते’

क्या इतने भर के लायक मैं रह गया हूं? क्या मुझमें इसके अलावा प्रेम की कोई अन्य योग्यता नहीं है? क्या मैं अन्य तरीके से तुम्हें प्रसन्न नहीं रख सकता?

 

लेकिन इसके जवाब में उस महिला ने जो कहा, उसने प्रोफेसर साहब के आत्मविश्वास को हिलाकर रख दिया। महिला ने दो टूक जवाब दिया- ‘आप किस लायक हैं कि मैं आपको प्यार के बदले प्यार दूं? आप जिस लायक हैं, वही काम आपसे लूंगी न! आप पढ़ सकते हैं, लिख सकते हैं, वही कीजिए।’

मटुकनाथ जब चिढ़ गए, तो महिला ने यहां तक कह दिया कि- ‘तुम केवल प्यास जगा सकते हो, बुझा नहीं सकते।’

एक ‘जानू’ ने बदल दी पूरी कहानी

महिला के कड़वे बोल सुनकर मटुकनाथ हार मान चुके थे। उन्होंने मन बना लिया था कि अब वह प्यार नहीं करेंगे। वह अपनी पुरानी यादों और दर्द की दवा तलाश ही रहे थे कि तभी उनके फोन की घंटी बजी। दूसरी तरफ वही महिला थी। उसने प्यार से पूछा- ‘मुझसे नाराज हो जानू?’
julie ki bhojpuri singer friend 'Devi'

मटुकनाथ लिखते हैं कि इस ‘जानू’ शब्द ने जादू जैसा काम किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में भावनाओं को उंडेलते हुए लिखा- ‘हाय, इस ‘जानू’ शब्द को सुनते ही जान में जान आ गई।

मुरझा रहा पौधा फोरन जल पड़ते ही हरा हो गया।’ प्रोफेसर साहब ने तुरंत हथियार डाल दिए और वादा कर लिया कि अब वह उनकी रचनाए भी पढ़ेंगे और टिप्पणियां भी करेंगे, ताकि इसी बहाने उनसे जुड़ाव बना रहे।

नाराज क्यों होऊंगा ? तुझपे नाराज होऊंगा तो प्रसन्न किस पर होऊंगा ? आगे से तुम्हारी रचनाएं पढ़ा करूंगा और और उन पर टिप्पणियां भी किया करूंगा।
मटुकनाथ चौधरी

Love Guru मटुकनाथ जूली के बाद नई प्रेमिका की तलाश में, बता दी अपनी च्वाइस बूढ़ी प्रेमिका की तलाश

अपने से आधे उम्र की आसक्त प्रेमिका के साथ लव स्टोरी की कहानी लिखने वाले रिटायर्ड प्रोफेसर मटुकनाथ चौधरी को इस बार 50-60 साल की बुजुर्ग महिला की चाहत है।

‘पढ़ी-लिखी, समझदार 50-60 के बीच की बुढ़िया चाहिए’


लव गुरु मटुकनाथ ने दिसंबर 2024 में पत्नी के लिए सोशल मीडिया पर वैकेंसी निकाल दी थी उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट लिखकर डाला था कि ‘आवश्यकता, एक पढ़े-लिखे, समझदार इकहत्तर वर्षीय बूढ़े किसान को

पढ़ी-लिखी, समझदार 50-60 के बीच की बुढ़िया चाहिए, बहुत पसंद आ जाने पर उमर में ढील दी जायेगी, शर्त एक ही है कि वासना रहित प्यार की लेन -देन में सक्षम हो ‘.

आज भले ही मटुकनाथ किसी और के ‘जानू’ बन रहे हों, लेकिन बिहार के लोग उन्हें हमेशा जूली के मटुकनाथ के रूप में याद करते हैं।


उनकी और जूली की प्रेम कहानी 2006 में तब शुरू हुई थी जब वह पटना विश्वविद्यालय में हिंदी के प्रोफेसर थे और जूली उनकी छात्रा थी।

इश्क वाले विवाद में पढ़ने से पटना यूनिवर्सिटी ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया था, लेकिन उन्होंने कानूनी लड़ाई जीती। 2013 में जब वह बहाल हुए, तो उन्होंने अपनी जीत का जश्न जूली के साथ मनाया। जूली को एक कार गिफ्ट की

The End

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