Blogs of Engr. Maqbool Akram

Stories

The Snow Storm: Russian Story Alexander Pushkin हमारे प्रेमी एक दूसरे को पत्र लिखा करते और प्रति दिन चीड़ के वन में पुराने गिरजे के निकट एकान्त में मिला करते।

The Snow Storm: Russian Story Alexander Pushkin हमारे प्रेमी एक दूसरे को पत्र लिखा करते और प्रति दिन चीड़ के वन में पुराने गिरजे के निकट एकान्त में मिला करते। Read Post »

Stories

बारिश – उसको ऐसा महसूस हुआ कि उसकी आँखों के आँसू बारिश के क़तरे बन कर टपक रहे हैं। (सआदत हसन मंटो)

बारिश – उसको ऐसा महसूस हुआ कि उसकी आँखों के आँसू बारिश के क़तरे बन कर टपक रहे हैं। (सआदत हसन मंटो) Read Post »

Poems & Poets

“मरने की दुआएँ क्यूँ माँगूँ जीने की तमन्ना कौन करे” अलीगढ के मोइन अहसन जज्बी जिनकी कविताएँ निस्संदेहअत्यधिक उदास हैं

“मरने की दुआएँ क्यूँ माँगूँ जीने की तमन्ना कौन करे” अलीगढ के मोइन अहसन जज्बी जिनकी कविताएँ निस्संदेहअत्यधिक उदास हैं Read Post »

Stories

दुनिया की सबसे बड़ी “ड्रग डीलर” ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया, अफीम के नशे में दो देशों में जंग. खुद कोकीन से लेकर अफीम जैसे कई ड्रग्स का शौक.

दुनिया की सबसे बड़ी “ड्रग डीलर” ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया, अफीम के नशे में दो देशों में जंग. खुद कोकीन से लेकर अफीम जैसे कई ड्रग्स का शौक. Read Post »

Filmy Dunya

ओपी नैयर की कैडलक में घूमने वाली आशा भोंसले और ओ पी नैयर की अधूरी प्रेम कहानी- ओ पी नय्यार व आशा भोसले के 10 सदाबहार गीत

ओपी नैयर की कैडलक में घूमने वाली आशा भोंसले और ओ पी नैयर की अधूरी प्रेम कहानी- ओ पी नय्यार व आशा भोसले के 10 सदाबहार गीत Read Post »

Stories

त्रिया चरित्र: वह  मुहब्बत की दीवार अभी तक उन दोनों प्रेमियों को अपनी छाया में आराम देने के लिए खड़ी है. (मुंशी प्रेमचंद)

त्रिया चरित्र: वह  मुहब्बत की दीवार अभी तक उन दोनों प्रेमियों को अपनी छाया में आराम देने के लिए खड़ी है. (मुंशी प्रेमचंद) Read Post »

Stories

पुरानी शराब नई बोतल (मुमताज़ मुफ़्ती) मम्मी को वो लिफ़्ट दी वो लिफ़्ट जो उन्हें कभी मिली ना थी वो बौखला गईं।

पुरानी शराब नई बोतल (मुमताज़ मुफ़्ती) मम्मी को वो लिफ़्ट दी वो लिफ़्ट जो उन्हें कभी मिली ना थी वो बौखला गईं। Read Post »

Stories

पीतल का घंटा – मुझे मालूम हुआ कि ये चाबुक घोड़े के नहीं मेरी पीठ पर पड़ा है। (क़ाज़ीअबदुस्सत्तार)

पीतल का घंटा – मुझे मालूम हुआ कि ये चाबुक घोड़े के नहीं मेरी पीठ पर पड़ा है। (क़ाज़ीअबदुस्सत्तार) Read Post »

Stories

बुर्क़े (मंटो) ज़हीर ने उसकी शक्ल देखने की कोशिश की, मगर नक़ाब इतनी मोटी थी कि उसे कुछ दिखाई न दिया।

बुर्क़े (मंटो) ज़हीर ने उसकी शक्ल देखने की कोशिश की, मगर नक़ाब इतनी मोटी थी कि उसे कुछ दिखाई न दिया। Read Post »

Stories

आपा (मुमताज़ मुफ़्ती) तुम्हें मालूम नहीं उसके अंदर तो आग है ऊपर से दिखाई नहीं देती बद्दू ने भोलेपन से पूछा क्यूँ आपा इसमें आग है।

आपा (मुमताज़ मुफ़्ती) तुम्हें मालूम नहीं उसके अंदर तो आग है ऊपर से दिखाई नहीं देती बद्दू ने भोलेपन से पूछा क्यूँ आपा इसमें आग है। Read Post »

Stories

चुप (मुमताज़ मुफ़्ती) : चुप जीनां मुँह पर उंगली रखे मुस्कुरा रही थी। उन दिनों तो ‘चुप’ में बहुत मज़ा था। अब हमारी ‘चुप’ भी पसंद नहीं

चुप (मुमताज़ मुफ़्ती) : चुप जीनां मुँह पर उंगली रखे मुस्कुरा रही थी। उन दिनों तो ‘चुप’ में बहुत मज़ा था। अब हमारी ‘चुप’ भी पसंद नहीं Read Post »

Stories

Coat Patloon (Manto): दरवाज़ा खोला ज़ुबेदा दोनों हाथों में ट्रे लिए खड़ी थी। उस ने नाज़िम को सलाम किया और कहा “चाय हाज़िर है।”

Coat Patloon (Manto): दरवाज़ा खोला ज़ुबेदा दोनों हाथों में ट्रे लिए खड़ी थी। उस ने नाज़िम को सलाम किया और कहा “चाय हाज़िर है।” Read Post »

History

अवध के बादशाह नसीरुद्दीन हैदर का परीखाना : दुलारी , धनिया ” जिस पर थे कुर्बान उसी ने ली जान “

अवध के बादशाह नसीरुद्दीन हैदर का परीखाना : दुलारी , धनिया ” जिस पर थे कुर्बान उसी ने ली जान “ Read Post »

Stories

वक़्त की रेत पर एक दास्ताँ ए इश्क (कहानी) – प्यार करना और उसे खो देना, उसे कभी प्यार ही न करने से बेहतर है

वक़्त की रेत पर एक दास्ताँ ए इश्क (कहानी) – प्यार करना और उसे खो देना, उसे कभी प्यार ही न करने से बेहतर है Read Post »

Stories

रज़्ज़ो बाजी ( क़ाज़ी अबदुस्सत्तार ) : रज़्ज़ो बाजी जिनकी कहानियों से मेरा तख़य्युल आबाद था पहली बार देखने वाला था।पंद्रह साल पहले का‎ एक दिन जब मैं बी.ए. में पढ़ता था और मुहर्रम करने घरआया हुआ था।

रज़्ज़ो बाजी ( क़ाज़ी अबदुस्सत्तार ) : रज़्ज़ो बाजी जिनकी कहानियों से मेरा तख़य्युल आबाद था पहली बार देखने वाला था।पंद्रह साल पहले का‎ एक दिन जब मैं बी.ए. में पढ़ता था और मुहर्रम करने घरआया हुआ था। Read Post »

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निवाला (इस्मत चुग़ताई) बस सबको यही दुख था कि सरला बेन अब तक कुँआरी बैठी थीं उनकी रेल छूट रही थी और जीवन-साथी का दूर-दूर तक निशान न था।

निवाला (इस्मत चुग़ताई) बस सबको यही दुख था कि सरला बेन अब तक कुँआरी बैठी थीं उनकी रेल छूट रही थी और जीवन-साथी का दूर-दूर तक निशान न था। Read Post »

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महमूदा ( सआदत हसन मंटो ) इधर आओ दुल्हा मियां तुम्हें फस्ट क्लास पान खिलाएँ हम तुम्हारी शादी में शरीक थे!

महमूदा ( सआदत हसन मंटो ) इधर आओ दुल्हा मियां तुम्हें फस्ट क्लास पान खिलाएँ हम तुम्हारी शादी में शरीक थे! Read Post »

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पिंजरा : वह पिंजरे को पिंजरा ही समझेगी और उड़ने का प्रयास न करेगी (कहानी उपेन्द्र नाथ अश्क)

पिंजरा : वह पिंजरे को पिंजरा ही समझेगी और उड़ने का प्रयास न करेगी (कहानी उपेन्द्र नाथ अश्क) Read Post »

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उसने कहा था (चंद्रधर गुलेरी)- कहानी अमृतसर में शुरू होती है लहना सिंह बारह वर्ष का है जब वह पूछता है तेरी कुड़माई हो गई? तब वह ‘धत्’ कहकर भाग जाती है.

उसने कहा था (चंद्रधर गुलेरी)- कहानी अमृतसर में शुरू होती है लहना सिंह बारह वर्ष का है जब वह पूछता है तेरी कुड़माई हो गई? तब वह ‘धत्’ कहकर भाग जाती है. Read Post »

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हाफ़िज़ हुसैन दीन (कहानी सआदत हसन मंटो ) ज़फ़र शाह ऊपर गया तो मालूम हुआ कि बीबी बिलक़ीस भी नहीं है

हाफ़िज़ हुसैन दीन (कहानी सआदत हसन मंटो ) ज़फ़र शाह ऊपर गया तो मालूम हुआ कि बीबी बिलक़ीस भी नहीं है Read Post »

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368 वर्ष पहले की वो लड़ाई: औरंगजेब ने देहली के तख़्त के लिए भाइ दारा शिकोह, शाह शुजा और मुराद बख्श को मार डाला।सत्ता संघर्ष में अपने बेटे सुल्तान को भी नहीं छोड़ा।

368 वर्ष पहले की वो लड़ाई: औरंगजेब ने देहली के तख़्त के लिए भाइ दारा शिकोह, शाह शुजा और मुराद बख्श को मार डाला।सत्ता संघर्ष में अपने बेटे सुल्तान को भी नहीं छोड़ा। Read Post »

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पंच परमेश्वर: कन्हाई ने मन ही मन अनुभव किया, फूलो बहुत जवान थी और वह भाटे पर था (रांगेय राघव की कहानी)

पंच परमेश्वर: कन्हाई ने मन ही मन अनुभव किया, फूलो बहुत जवान थी और वह भाटे पर था (रांगेय राघव की कहानी) Read Post »

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एक छोटा-सा मजाक: तुम से प्यार करता हूँ, नाद्या! मैं धीमे से कहता हूँ।  (रूसी कहानी : आंतोन चेखव )

एक छोटा-सा मजाक: तुम से प्यार करता हूँ, नाद्या! मैं धीमे से कहता हूँ।  (रूसी कहानी : आंतोन चेखव ) Read Post »

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